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हजारीबाग में पैसे दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी, 'रिलीफंस रिलीफ निधि' कंपनी फरार

हजारीबाग जिले में भोले-भाले ग्रामीणों और शहरी लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देकर करो…

हजारीबाग के छड़वा मैदान के पास युवक का संदिग्ध शव बरामद, ससुराल वालों पर हत्या का आरोप, आक्रोशित परिजनों ने किया इन्द्रपुरी चौक जाम

हजारीबाग जिले के रोमी पंचायत स्थित छड़वा क्रिकेट मैदान के पास रविवार सुबह एक युवक का संदिग्ध अवस्…

विश्व रक्तदाता दिवस पर हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा सदर अस्पताल में आयोजित हुआ विशाल रक्तदान शिविर, 70 यूनिट रक्त का संग्रहण, अब हर माह होगा यह पुनीत आयोजन

विश्व रक्तदाता दिवस पर हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा सदर अस्पताल के नए ओपीडी भवन में एक विशाल स्वै…

हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज में प्रसूता की मौत: घूसखोरी और लापरवाही के आरोप, हंगामे के बाद अस्पताल का सारा स्टाफ फरार

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज सह सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही और संवेदन…

हजारीबाग के बड़कागांव में सनसनीखेज वारदात: घर में अकेली रह रही 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या कर आभूषण लूट ले गए अपराधी, पुलिस जांच में जुटी

हजारीबाग जिले के बड़कागांव मुख्य मार्ग पर स्थित पकरी बरवाडीह गांव में एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आ…

हजारीबाग में आंदोलनकारियों की हुंकार: खतियानी परिवार ने सरकार की ढुलमुल नीति को घेरा, हक न मिलने पर अनवरत आंदोलन की चेतावनी कैबिनेट की पहली बैठक में सार्थक निर्णय लेने के आश्वासन पर स्थगित हुआ था रांची घेराव, वादे से मुकरने पर बढ़ा आक्रोश हजारीबाग: झारखंड राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले आंदोलनकारियों की उपेक्षा और स्थानीय नीति को लेकर सरकार के ढुलमुल रवैये के खिलाफ हजारीबाग में आक्रोश की आवाज बुलंद हुई है। पुराना धरना स्थल के नजदीक अशोक राम की अध्यक्षता में खतियानी परिवार की एक महत्वपूर्ण साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलनकारियों की बदहाली, पुलिसिया चौकसी और सरकार की ओर से किए गए वादों की कड़वी सच्चाई को उजागर किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही आंदोलनकारियों की शर्तों को पूरा नहीं किया, तो राज्य भर में एक बार फिर अनवरत और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। रांची घेराव के बाद मिला था सिर्फ आश्वासन: वादे पर अडिग रहे हेमंत सोरेन सरकार, वार्ता के बाद बदला था फैसला विधानसभा की कैबिनेट बैठक में निर्णय लेने का था भरोसा, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं झारखंडी बैठक में पूर्व के घटनाक्रमों की परतें खोलते हुए मोहम्मद हकीम ने बताया कि रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार का घेराव करने का एक व्यापक आह्वान झारखंड आंदोलनकारियों द्वारा किया गया था। इस घेराव के दौरान सरकार के प्रतिनिधियों और आंदोलनकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय भेंट वार्ता हुई, जिसमें यह तय पाया गया था कि विधानसभा की कैबिनेट की पहली ही बैठक में आंदोलनकारियों के हक और अधिकारों के संबंध में एक सार्थक और ठोस निर्णय ले लिया जाएगा। सरकार की ओर से मिले इसी आधिकारिक आश्वासन के बाद आंदोलन को अस्थाई रूप से स्थगित किया गया था। लेकिन, अगर अब इस वादे से मुकरने की कोशिश की गई तो झारखंड के सदान और आदिवासी समाज के लोग चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि झारखंडी लोगों ने अपना तन, मन और धन लगाकर इस राज्य के निर्माण में अपनी आहुति दी थी, लेकिन आज भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए तरसना पड़ रहा है। पुलिसिया चौकसी पर उठाए गंभीर सवाल: आंदोलनकारियों को रोकने के लिए तैनात की जा रही पुलिस, हक देने में लाचार प्रशासन शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड अब भी अधूरा, आंदोलनकारियों के बाल-बच्चों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं खतियानी परिवार ने आंदोलनकारियों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों की भी कड़े शब्दों में निंदा की। मोहम्मद हकीम ने कहा कि जब भी आंदोलनकारी अपनी दशा सुधारने और झारखंड सरकार से मिलने के लिए किसी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करते हैं, तब सरकार उन्हें जगह-जगह रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की चौकसी बढ़ा देती है। ऐसी दमनकारी स्थिति में आंदोलनकारी आवाक रह जाते हैं और सरकार से सीधी भेंट वार्ता नहीं कर पाते, जिससे पूरा आंदोलन दिशाहीन होकर बिखर जाता है। उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि पुलिस की यह चौकसी आंदोलनकारियों के विरोध में नहीं, बल्कि उनकी सहायता के लिए बढ़ाई जानी चाहिए। शिबू सोरेन ने जिस झारखंड के निर्माण की कल्पना की थी, आज उनके बाल-बच्चों को वह सुविधाएं, नौकरी-चाकरी, ठेकेदारी और पेटेदारी में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय नीति पर मुकर रही है सरकार: एक पैर धरती पर और दूसरा कब्र में, बेबसी पर हंसने वालों की खड़ी हुई जमात चिन्हित आंदोलनकारियों को जल्द मिले सम्मान और पेंशन, घोषित वचनों पर अडिग रहने की उठी मांग स्थानीय नीति के मुद्दे पर खतियानी परिवार ने सरकार की नीत और नीयत दोनों को कटघरे में खड़ा किया। बैठक में आरोप लगाया गया कि झारखंडी लोगों की इस मुख्य समस्या को लेकर सरकार सैकड़ों बार अपने वादों से मुकर चुकी है। सरकार की वर्तमान नीतियां आंदोलन को कुचलने के लिए कटिबद्ध दिखाई देती हैं, जिससे प्रदेश के मूलवासियों की कमर टूट चुकी है। अत्यंत भावुक और कड़े शब्दों में आंदोलनकारियों ने अपनी बेबसी व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी स्थिति अब इस पार या उस पार की लड़ाई लड़ने लायक भी नहीं बची है, क्योंकि हमारा एक पैर धरती पर टिका है और दूसरा कब्र तक पहुंच चुका है। इस बेबसी को देखते हुए सरकार को सीधे वार्ता कर अपने घोषित वचनों पर अडिग रहना चाहिए और चिन्हित आंदोलनकारियों को जल्द से जल्द सम्मानित कर उनके लिए स्थाई पेंशन निर्धारित करनी चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से महेश विश्वकर्मा, मोहम्मद शौकत राजा, मेघ मेहता, असलम खान, बबलू मेहता, बोधी साव, प्रदीप कुमार मेहता, अमर कुमार गुप्ता, कुंती देवी, मीना देवी, राधा देवी, सुरेश महतो, चंद्र राम और शोएब अंसारी सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।

- मनीष कुमार झारखंड राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले आंदोलनकारियों ने सरकार की …

हजारीबाग में लापता 17 ऐतिहासिक कुओं की तलाश: नगर निगम का हाईटेक ड्रोन और रडार से सीक्रेट सर्च ऑपरेशन शुरू

- मनीष कुमार हजारीबाग शहर के इतिहास और पुराने सरकारी नक्शों में दर्ज 17 ऐतिहासिक कुएं अब कंक्रीट के…

हजारीबाग के केरेडारी कोल ब्लॉक में 'सालार' जैसी खौफनाक वसूली, 'SGP' स्टीकर के जरिए 25 लाख की उगाही

- मनीष कुमार  सुपरस्टार प्रभास की फिल्म 'सालार' के खानसार साम्राज्य जैसा खौफ इन दिनों हजा…

करोड़ों की योजना पर उठे गंभीर सवाल, नियमों को ताक पर रख कस्तूरी खाप तालाब में खेल शुरू

- मनीष कुमार  हजारीबाग : नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-23 स्थित कस्तूरी खाप के लबकी पोखर (त…

हजारीबाग के ईचाक में चौंतीस साल लंबी कानूनी लड़ाई जीतने के बाद भी अपनी जमीन के लिए भटक रहा परिवार

- मनीष कुमार हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड स्थित परासी गांव का एक पीड़ित परिवार न्यायालय से अपनी पुश…

हजारीबाग में खाकी फिर सवालों के घेरे में! पीसीआर-5 के कर्मियों पर लगा 'अवैध वसूली' का आरोप

- मनीष कुमार  हजारीबाग : हजारीबाग जिला पुलिस की कार्यप्रणाली और साख एक बार फिर गहरे सवालों के घेरे …

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