झारखंड के पलामू जिले में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर खुद सिंघम की भूमिका में नजर आए। उन्होंने छतरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी इलाके में देर रात औचक छापेमारी करके सबको चौंका दिया। इस त्वरित और अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय प्रशासनिक महकमे में भारी हड़कंप मच गया है। मंत्री की इस साहसिक रेड के दौरान मौके से तीन बड़े टेलर और एक पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई ने इलाके में सक्रिय एक बड़े अंतर्राज्यीय माइनिंग गिरोह का पूरी तरह से पर्दाफाश किया।
मंत्री को गुप्त सूचना मिली थी कि एक माफिया गैंग छतरपुर के देवगन-दीनादाग-रेंगनिया इलाके में सक्रिय है। यह गैंग भोले-भाले ग्रामीणों को डरा धमका कर रात के अंधेरे में पहाड़ पर मिट्टी और मोरम का अवैध खनन करवा रहा था। सूचना मिलते ही मंत्री सीधे रांची से रात ग्यारह बजे घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां पहुंचकर उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी और छतरपुर के एसडीपीओ प्रशांत कुमार को इस मामले की जानकारी दी। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद जब्ती की कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर सभी बड़े तस्कर मौके से भागने में कामयाब हो गए।
पिछले एक साल से इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का खेल जारी था। स्थानीय लोगों ने पुलिस और अंचल अधिकारी को कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से स्थानीय विधायक और मंत्री होने के नाते उन्हें खुद यह पहल करनी पड़ी। मंत्री किशोर ने कहा कि अवैध खनन से राज्य सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मामले पर नजर रखने और भविष्य में इस क्षेत्र में दोबारा अवैध खनन न हो, इसकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश मौके पर ही दिया
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