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हजारीबाग में खाकी फिर सवालों के घेरे में! पीसीआर-5 के कर्मियों पर लगा 'अवैध वसूली' का आरोप

- मनीष कुमार 

हजारीबाग: हजारीबाग जिला पुलिस की कार्यप्रणाली और साख एक बार फिर गहरे सवालों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर इस समय एक वीडियो बेहद तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने पुलिस की 'मित्र पुलिस' वाली छवि को तगड़ा झटका दिया है। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस सनसनीखेज वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि गश्ती गाड़ी पीसीआर नंबर-5 पर तैनात खाकीधारियों द्वारा एक हाईवा चालक से बीच सड़क पर सरेआम नियमों के विरुद्ध जाकर कथित रूप से पैसे ऐंठे गए हैं। यह वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमे से लेकर आम जनता के बीच चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है और विभाग की कार्यशैली पर तरह-तरह के सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।


कैनरी हिल रोड के पास हाईवा को रोकने का दावा

सामने आ रही जानकारियों के अनुसार, यह पूरी घटना हजारीबाग के प्रसिद्ध कैनरी हिल रोड के पास से गुजरने वाली हाईवे की बताई जा रही है। कैमरे में कैद तस्वीरों और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के आधार पर बताया जा रहा है कि पुलिस की गश्ती गाड़ी पीसीआर नंबर-5 (वाहन संख्या JH-02AN-1204) पर सवार पुलिसकर्मियों ने एक हाईवा (वाहन संख्या JH-02AE-6962) को रोककर उसके चालक से कथित तौर पर अवैध नजराना वसूला। वायरल क्लिप में साफ तौर पर देखा और दावा किया जा रहा है कि पीसीआर-5 के जवान हाईवा चालक से हाथ बढ़ाकर कुछ लेनदेन कर रहे हैं, जिसके बाद यह वीडियो इंटरनेट पर आंधी की तरह शेयर होने लगा है और इसने प्रशासनिक अमले की भी परेशानी बढ़ा दी है।

खबरों और जनचर्चाओं पर आधारित है रिपोर्ट

इस संबंध में तकनीकी और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह वायरल वीडियो वास्तव में किस तारीख का है, किस सटीक उप-क्षेत्र का है और इसमें किए जा रहे गंभीर दावों में कितनी शत-प्रतिशत सच्चाई है, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह पूरी रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटनाक्रम, वीडियो क्लिप और स्थानीय स्तर पर जारी जन-चर्चाओं के आधार पर तैयार की गई है, जिसकी सत्यता की जांच होना अभी बाकी है।

दोषियों पर सख्त और नजीर बनने वाली कार्रवाई की मांग

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों में अच्छा-खासा आक्रोश देखा जा रहा है। सजग नागरिकों का साफ कहना है कि अगर इस वीडियो की सच्चाई और इसमें लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह सीधे तौर पर पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला होगा। लोगों ने जिला पुलिस के आला अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे काले खेल की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि वर्दी की आड़ में इस तरह का कृत्य करने वाले चेहरे बेनकाब हो सकें और दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो भविष्य के लिए नजीर बने।

अंदरखाने छानबीन तेज, आधिकारिक रुख का इंतजार

इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले पर फिलहाल पुलिस प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी का आधिकारिक पक्ष या बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक रूप से मामले की छानबीन की सुगबुगाहट बेहद तेज हो गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अपनी छवि को लेकर हमेशा संवेदनशील रहने वाली हजारीबाग पुलिस इस गंभीर मामले पर क्या रुख अपनाती है और विभागीय जांच की आंच कहां तक पहुंचती है।

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