Top News

रांची यूनिवर्सिटी पीजी एडमिशन: 18 कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई बंद, सीटों का आवंटन हुआ शून्य

 


झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक नए संकल्प ने रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ा झटका दिया है। अब विश्वविद्यालय से संबद्ध और अंगीभूत कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी पीजी की पढ़ाई पूरी तरह से बंद कर दी गई है। शिक्षा विभाग के इस नए आदेश के बाद आगामी सत्र के लिए यूनिवर्सिटी के 18 प्रमुख कॉलेजों में पीजी की एक भी सीट आवंटित नहीं की गई है, जिससे इन कॉलेजों में सीटों की संख्या घटकर शून्य हो गई है। अब जो भी छात्र पीजी कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से केवल रांची मुख्य शहर में स्थित विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों में ही आवेदन करना होगा।

इस बड़े नीतिगत बदलाव का सबसे गंभीर और प्रतिकूल असर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं पर पड़ने की आशंका है। आमतौर पर ग्रामीण इलाकों के कॉलेजों से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी सहूलियत और कम खर्च के कारण अपने ही स्थानीय कॉलेजों में पीजी में दाखिला ले लेते थे। ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए अपने घर से दूर रांची शहर आकर पढ़ाई करना आर्थिक और व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन होता है। ऐसे में कॉलेज स्तर पर पीजी बंद होने से कई गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा पर संकट मंडराने लगा है, क्योंकि अब उनके पास मुख्य परिसर के विभागों में जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रमों की लोकप्रियता साफ दिखाई देती है। पिछले सत्र में विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में संचालित हो रहे पीजी कोर्स में कुल 4307 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था। इनमें सबसे अधिक नामांकन ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों जैसे केओ कॉलेज गुमला, बिरसा कॉलेज खूंटी और बीएस कॉलेज लोहरदगा में दर्ज किए गए थे। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के डोरंडा कॉलेज और मारवाड़ी कॉलेज के पीजी पाठ्यक्रमों में भी भारी संख्या में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था, लेकिन अब इन सभी संस्थानों में पीजी के दरवाजे पूरी तरह बंद हो चुके हैं।

इस नए सरकारी आदेश से प्रभावित होने वाले कॉलेजों की बात करें तो इसमें मुख्य रूप से रांची वीमेंस कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, डोरंडा कॉलेज, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, एसएस मेमोरियल कॉलेज, जेएन कॉलेज धुर्वा, केसीबी कॉलेज बेड़ो, मांडर कॉलेज, बिरसा कॉलेज खूंटी, पीपीके कॉलेज बुंडू, बीएस कॉलेज लोहरदगा, केओ कॉलेज गुमला, बीएन जालान कॉलेज सिसई, सिमडेगा कॉलेज, वीमेंस कॉलेज लोहरदगा, मॉडल डिग्री कॉलेज घाघरा, मॉडल डिग्री कॉलेज बानो, वीमेंस कॉलेज सिमडेगा और वीमेंस कॉलेज गुमला शामिल हैं, जहां अब से आगामी सत्रों के लिए दाखिला बंद रहेगा।

सरकार के इस फैसले के बाद अब विद्यार्थियों के पास केवल रांची यूनिवर्सिटी के मुख्य 30 पीजी विभागों में ही नामांकन का एकमात्र विकल्प शेष रह गया है, जहां कुल 4420 सीटें आवंटित की गई हैं। पूर्व के वर्षों में अक्सर मुख्य विभागों में सीटें खाली रह जाती थीं क्योंकि छात्र अपने आसपास के कॉलेजों को प्राथमिकता देते थे। इस पूरी नई व्यवस्था और आगामी नामांकन प्रक्रिया को लेकर रांची यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से जैसा भी आगामी आदेश और दिशा-निर्देश प्राप्त होगा, उसी के अनुरूप आगे की पूरी दाखिला प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

Post a Comment

और नया पुराने