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झारखंड स्वास्थ्य विभाग में बंपर भर्ती: सीएम हेमंत सोरेन का 7,609 नर्सिंग पदों पर नियुक्ति और 'उबर' जैसी एंबुलेंस सेवा का बड़ा ऐलान

 


झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में अब एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलने वाला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मुख्य सचिव अविनाश कुमार की मौजूदगी में सीएम ने सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े डॉक्टरों, स्पेशलिस्टों और नर्सिंग स्टाफ के पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति करने का सख्त निर्देश दिया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, राज्य में नर्सिंग स्टाफ के कुल 21,578 स्वीकृत पदों में से 7,609 पद खाली हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया अब युद्ध स्तर पर शुरू की जाएगी। इससे राज्य में मानव बल की भारी कमी दूर हो सकेगी।

मुख्यमंत्री का विशेष फोकस सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और जरूरतें बिल्कुल अलग-अलग हैं, इसलिए दोनों के लिए एक अलग और प्रभावी कार्ययोजना बनाकर जमीनी स्तर पर काम किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के सभी नागरिकों का एक सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए 'हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम' लागू करने का सख्त निर्देश दिया गया है। इस डिजिटल डेटाबेस से मरीजों के इलाज में काफी आसानी होगी और सरकार के पास हर व्यक्ति के स्वास्थ्य का सटीक रिकॉर्ड हमेशा उपलब्ध रहेगा।

आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की लचर स्थिति को लेकर भी बैठक में सीएम ने कड़े तेवर दिखाए। कैंसर, हार्ट अटैक, शुगर और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों के लिए अलग से आपातकालीन व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में एंबुलेंस सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीएम ने इनकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक 'एआई (AI) कंट्रोल रूम' स्थापित करने का आदेश दिया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मरीजों को आपात स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए भविष्य में 'उबर (Uber) ऐप' के कॉन्सेप्ट की तर्ज पर एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने की योजना पर भी अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले एंबुलेंस संचालकों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण जनता को मुफ्त और सुलभ दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने एक अनूठी पहल करते हुए 'मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना' की स्थापना का ऐलान किया है। 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' परिसर में संचालित होने वाले इस एकीकृत औषधि केंद्र में ग्रामीणों को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध प्रणाली जैसी सभी प्रमुख चिकित्सा पद्धतियों की दवाइयां एक ही स्थान पर बिल्कुल मुफ्त (निशुल्क) मिल सकेंगी। इसके साथ ही कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर और हजारीबाग में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का काम तेज करने, अंगदान के प्रति जनता को जागरूक करने, ब्लड बैंक को दुरुस्त करने और सरकारी अस्पतालों को 'एयर-कूल्ड' बनाने की कार्ययोजना पर भी तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज मिल सके।

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