नई दिल्ली में राज्यसभा की सत्ताईस रिक्त सीटों में से चौबीस सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया है, जिससे चुनावी सरगर्मी ने एक नया मोड़ ले लिया है। इन चौबीस सीटों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की तीन उपचुनाव वाली सीटें भी पूरी तरह से शामिल की गई हैं। दिलचस्प बात यह है कि बची हुई तीन सीटों के लिए आगामी अठारह जून को मतदान कराया जाएगा। चुनाव वाले इन तीन महत्वपूर्ण सीटों में झारखंड राज्य की दो और मिजोरम की एक सीट शामिल है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही बची सीटों पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
इस हालिया चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्नीस सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की है, जबकि विपक्षी दलों के खाते में केवल पांच सीटें ही जा सकी हैं। इन पांच सीटों में से कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक राज्य में अपनी तीन सीटें निर्विरोध हासिल करके खुद की स्थिति को काफी मजबूत किया है। इनमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रमुख नेता पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को राज्यसभा के लिए सफलतापूर्वक चुना गया है। वहीं गुजरात में भाजपा ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की है।
गुजरात राज्य से कांग्रेस की एकमात्र सीट भी अब समाप्त हो गई है, जिसका प्रतिनिधित्व पहले शक्ति सिंह गोहिल कर रहे थे। राजस्थान में राजनीतिक यथास्थिति पूरी तरह से बनी हुई है, जहां भाजपा की अलका गुर्जर और सतीश पूनिया निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जबकि कांग्रेस के नीरज डांगी ने भी अपनी सीट को सफलतापूर्वक बरकरार रखा है। मध्य प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी ने तीनों सीटों पर कब्जा जमा लिया है क्योंकि कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था। अब सबकी निगाहें आगामी अठारह जून के चुनाव पर हैं
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