Top News

झारखंड शिक्षा विभाग की हालिया रैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी सिंहभूम जिला पूरे राज्य में पहले स्थान पर


झारखंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा जारी अप्रैल-मई दो हजार छब्बीस की शिक्षा प्रदर्शन ग्रेडिंग रिपोर्ट में पूर्वी सिंहभूम जिले ने पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। चौबीस जिलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, प्रशासनिक दक्षता और बुनियादी ढांचे के मूल्यांकन के बाद इस जिले को झारखंड का सर्वश्रेष्ठ जिला घोषित किया गया है। यह उपलब्धि केवल किसी परीक्षा परिणाम का नतीजा नहीं है, बल्कि नियमित मॉनिटरिंग, बेहतरीन प्रशासनिक व्यवस्था और डेटा आधारित प्रबंधन का परिणाम है। जिला शिक्षा पदाधिकारी स्मिता कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार पांडेय की टीम के निरंतर प्रयासों का ही असर है कि राज्य स्तरीय रैंकिंग में पूर्वी सिंहभूम का दबदबा कायम हो गया है।

पिछले कुछ महीनों की रैंकिंग पर नजर डालें तो पूर्वी सिंहभूम का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। दिसंबर दो हजार पच्चीस में जिला पांचवें स्थान पर था, लेकिन जनवरी में आठवें और फरवरी में ग्यारहवें स्थान तक खिसक गया। हालांकि, इसके बाद मार्च में जिले ने शानदार वापसी करते हुए चौथा स्थान हासिल किया और अब अप्रैल-मई की रिपोर्ट में सीधे पहले स्थान पर छलांग लगा दी। इस दौरान रांची, बोकारो और लोहरदगा जैसे जिलों को पीछे छोड़ दिया गया। यह रैंकिंग तेरह प्रमुख मानकों के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें प्रदर्शन को सत्तर प्रतिशत और बुनियादी ढांचे को तीस प्रतिशत महत्व दिया गया है।

इस मूल्यांकन में राज्य के शीर्ष पांच जिलों की बात करें तो पूर्वी सिंहभूम सतहत्तर दशमलव पचानवे प्रतिशत अंकों के साथ पहले पायदान पर मजबूती से खड़ा है। इसके बाद लोहरदगा उनहत्तर दशमलव सतहत्तर प्रतिशत के साथ दूसरे, बोकारो छियासठ दशमलव छप्पन प्रतिशत के साथ तीसरे, सरायकेला-खरसावां बासठ दशमलव अठासी प्रतिशत के साथ चौथे और गुमला इकसठ दशमलव इकतीस प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। वहीं सबसे निचले तीन जिलों में सिमडेगा तैंतालीस दशमलव इक्यावन प्रतिशत के साथ बाइसवें, गोड्डा पैंतालीस दशमलव पच्चीस प्रतिशत के साथ तेईसवें और गढ़वा छियालीस दशमलव चौवालीस प्रतिशत के साथ चौबीसवें स्थान पर है। ये स्पष्ट आंकड़े शिक्षा के स्तर को दर्शाते हैं।

जिले ने मैट्रिक परीक्षा दो हजार छब्बीस में भी अपना उत्कृष्ट और शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। पूर्वी सिंहभूम के एक सौ बीस स्कूलों में एक भी छात्र फेल नहीं हुआ, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है। मैट्रिक परीक्षा में जिले का औसत पास प्रतिशत अंठानबे प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राज्य के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में शामिल है। कोल्हान प्रमंडल ने अन्य सभी प्रमंडलों की तुलना में सबसे बेहतरीन परिणाम दिया है। जिले के कई स्कूलों में शत-प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए हैं। इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि हजारीबाग, रांची और धनबाद जैसे पारंपरिक शिक्षा केंद्रों को भी अब पूर्वी सिंहभूम ने काफी पीछे छोड़ते हुए एक नया मुकाम हासिल कर लिया है।

छात्रों की उपस्थिति के मामले में भी पूर्वी सिंहभूम जिले ने इस बार उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में अप्रैल महीने के दौरान विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति पैंसठ दशमलव नब्बे प्रतिशत दर्ज की गई। इस क्षेत्र में जिले की रैंक में पांच पायदान का शानदार उछाल आया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के लिए किए गए निरंतर और सामूहिक प्रयासों का असर है। अब पूर्वी सिंहभूम पूरे झारखंड के लिए एक बेहतरीन और सकारात्मक मॉडल बन चुका

 है।

Post a Comment

और नया पुराने