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संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2025: सरायकेला छऊ मुखौटा कला को मिली वैश्विक पहचान


झारखंड की विश्वप्रसिद्ध सरायकेला छऊ परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर बहुत बड़ी पहचान और सम्मान मिला है। सरायकेला छऊ मुखौटा निर्माण कला के वरिष्ठ और सिद्धहस्त गुरु सुशांत कुमार महापात्र को वर्ष 2025 के लिए प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी सम्मान से नवाजा जाएगा। संगीत नाटक अकादमी द्वारा हाल ही में इसकी आधिकारिक घोषणा की गई है, जिसके बाद से पूरे देश के विभिन्न कला व नाटक कलाकारों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। सुशांत कुमार महापात्र को छऊ मुखौटा कला में इस सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना जाना पूरे झारखंड के लिए बड़े गर्व का विषय बन चुका है, जिससे सरायकेला सहित पूरे राज्य के कलाप्रेमियों और कलाकारों में खुशी और हर्ष का माहौल है।

गुरु सुशांत कुमार महापात्र दशकों से सरायकेला छऊ मुखौटा कला के संरक्षण, प्रशिक्षण और इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन और अथक प्रयासों से ही इस पारंपरिक कला में कई नए आयाम जुड़े हैं और अनेक युवा कलाकार इस विरासत से जुड़कर इसे निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। छऊ मुखौटा निर्माण की बारीकियों को सहेजने वाले चुनिंदा कलाकारों में उनका नाम सबसे प्रमुखता से लिया जाता है। सरायकेला के प्रथम मुखौटा निर्माता गुरु स्वर्गीय प्रसन्न महापात्र के भतीजे सुशांत कुमार महापात्र ने महज आठ साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ मुखौटा का निर्माण शुरू कर दिया था। सुशांत महापात्र ने बताया कि पहले जहां बांस की टोकरी एवं अन्य साधनों को मुखौटा के रूप में प्रयोग किया जाता था, वहीं वर्ष 1925 में उनके बड़े पिताजी प्रसन्न कुमार महापात्र ने मिट्टी से आधुनिक मुखौटा तैयार कर इसे सरायकेला शैली छऊ में शामिल कराया था।

इसके बाद से इस विशेष मुखौटा का प्रचलन तेजी से बढ़ने लगा और अब यही मुखौटा सरायकेला शैली छऊ नृत्य की मुख्य पहचान बन चुका है। उनके द्वारा तैयार किए गए सरायकेला शैली छऊ मुखौटा का प्रदर्शन सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, अपितु सात समंदर पार अमेरिका के न्यूयॉर्क, बर्लिन, वियना और देश के दिल्ली, मुंबई, कोलकाता सहित अन्य बड़े शहरों में भी किया जा चुका है। विदेशों में इस अद्भुत कला को जानने और समझने के लिए लोगों में हमेशा काफी उत्सुकता देखी जाती है। विरासत में मिली इस अनोखी मुखौटा निर्माण कला को अब तीसरी पीढ़ी के रूप में सुशांत कुमार महापात्र के पुत्र सुमित महापात्र भी आगे बढ़ा रहे हैं और बखूबी छऊ मुखौटा तैयार कर रहे हैं।

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