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झारखंड के छात्रों के लिए खुशखबरी! अब साधारण नहीं, मिलेगी ई-साइकिल, सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला

 


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को साधारण साइकिल के स्थान पर बैटरी चालित ई-साइकिल देने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में एक विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया है ताकि वर्तमान समय की मांग के अनुसार छात्रों को सही समय पर इसका लाभ मिल सके और उनकी पढ़ाई में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

कल्याणकारी योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इनका क्रियान्वयन पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध होना चाहिए। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इन योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसी कड़ी में मदरसा, वक्फ और अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति सुधारने और उनका बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। राज्य के विभिन्न छात्रावासों को अपग्रेड कर उन्हें 'मुख्यमंत्री उत्कृष्ट छात्रावास' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां छात्रों को उत्कृष्ट संसाधन, बेहतर भोजन, पुस्तकालय, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। राज्य के सभी जिला और प्रखंड स्तर के अस्पतालों में अनुसूचित जाति और जनजाति के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इन हेल्प डेस्क पर संबंधित वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी ताकि मरीजों को पंजीकरण और इलाज में कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना' के लाभुकों से ऑनलाइन बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि लाभुकों को बैंक से ऋण मिलने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। लाभुकों से निरंतर संवाद बनाए रखने और उन्हें उचित मार्गदर्शन देने के लिए एक विशेष कॉल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।

छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति भी सरकार पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति स्कूली स्तर पर ही बच्चों को जागरूक करने का निर्देश दिया है। इससे बच्चे स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय को भी इन बीमारियों से बचाने में सक्षम हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बन रहे कल्याण गुरुकुल, एकलव्य विद्यालयों और खेल अकादमियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने और वहां गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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