झारखंड के बोकारो जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है। बोकारो के बेरमो थाना क्षेत्र में पड़ोसियों के आपसी विवाद को सुलझाने गई एक 25 वर्षीय महिला की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। बोकारो महिला हत्या मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपी सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हृदयविदारक घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पड़ोसियों के झगड़े में बीच-बचाव करना पड़ा भारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार रात बेरमो थाना क्षेत्र के ढोरी रेलवे साइडिंग स्थित प्लांट नंबर कॉलोनी में घटित हुई। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 25 वर्षीय पीड़िता सविता देवी और उसके पति ने दो पड़ोसियों के बीच हो रहे हिंसक झगड़े में बीच-बचाव करने का प्रयास किया था। इसी हस्तक्षेप के दौरान मुख्य आरोपी और अन्य लोगों ने महिला के साथ कथित रूप से गंभीर मारपीट की। इस जानलेवा हमले में बुरी तरह घायल हुई महिला को आनन-फानन में बोकारो के एक स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, छह आरोपी सलाखों के पीछे
बोकारो क्राइम न्यूज़ के इस हाई-प्रोफाइल मामले में बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र भुइयां समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अन्य पांच आरोपियों की पहचान बबलू कुमार, बीरेंद्र कुमार भारती, राहुल कुमार, राजेश भुइयां और सौरभ भुइयां के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह गिरफ्तारी पीड़िता के परिजनों के विस्तृत बयान और लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद की गई है। इसके साथ ही मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।
भाजपा ने किया गर्भवती होने का दावा, मांगा 25 लाख का मुआवजा
इस दुखद आपराधिक घटना ने झारखंड में बड़ा राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने गंभीर दावा किया है कि मृतका चार महीने की गर्भवती थी और उसकी निर्मम तरीके से हत्या की गई है। भाजपा ने शुरुआत में इस घटना के कड़े विरोध में एक दिवसीय बोकारो बंद का आह्वान किया था, लेकिन पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बोकारो से भाजपा के पूर्व विधायक बिरंची नारायण के बयान के अनुसार इस बंद को वापस ले लिया गया। वहीं, भाजपा के राज्य महासचिव अमर कुमार बाउरी ने पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये के भारी-भरकम मुआवजे की मांग की है। उन्होंने निष्पक्ष पोस्टमार्टम जांच में कथित तौर पर छेड़छाड़ का प्रयास करने वाले पुलिसकर्मियों और चिकित्सा कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। बाउरी ने चेतावनी दी है कि एक जून को भाजपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलेंगे और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से भी संपर्क करेंगे।
झामुमो का पलटवार: भाजपा कर रही है राजनीति
वहीं दूसरी ओर, इस संवेदनशील मामले पर सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। झामुमो के बोकारो मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें दुर्भावनापूर्ण, भ्रामक और राजनीति से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय भाजपा इस दुखद घटना का इस्तेमाल केवल अपना राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रही है, जिसे झामुमो पूरी तरह से निराधार और गलत मानता है। झामुमो नेता ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस दुखद मामले का राजनीतिकरण न करें और पुलिस को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के अपनी निष्पक्ष जांच करने दें।

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