सुल्तानपुर में डीजे के शोर से 140 मुर्गियों की मौत, तेज आवाज और कंपन बना जानलेवा


उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक शादी समारोह की खुशियाँ उस समय फीकी पड़ गईं जब डीजे की कानफोड़ू आवाज ने बेजुबानों की जान ले ली। दरियापुर गांव में बब्बन विश्वकर्मा की बेटी की शादी के दौरान आई बारात में डीजे पूरी आवाज में बज रहा था। जैसे ही यह बारात साबिर अली के पोल्ट्री फार्म के सामने से गुजरी, संगीत का शोर और उससे उत्पन्न होने वाला भारी कंपन मुर्गियों के लिए काल बन गया। पोल्ट्री फार्म के मालिक का दावा है कि अचानक हुए इस तेज शोर से मुर्गियां बुरी तरह घबरा गईं और फार्म के भीतर भगदड़ मच गई, जिसके परिणामस्वरूप करीब 140 मुर्गियों की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना ने न केवल पशु प्रेमियों को झकझोर दिया है बल्कि ध्वनि प्रदूषण के घातक प्रभावों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फार्म मालिक साबिर अली के अनुसार, उन्होंने बारात में शामिल लोगों और डीजे संचालक से आवाज कम करने की बार-बार गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी एक न सुनी गई।

 उनका कहना है कि यदि समय रहते संवेदनशीलता दिखाई गई होती, तो उन्हें इस भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। इस अमानवीय लापरवाही से आहत होकर साबिर अली ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने डीजे संचालक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब इसके वैज्ञानिक पहलुओं की भी जांच कर रहा है। उपनिरीक्षक भरत सिंह ने बताया कि आरोपी डीजे संचालक कवि यादव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और अब विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वास्तव में ध्वनि तरंगों और कंपन के कारण ही मुर्गियों के दिल की धड़कन रुकी या मौत का कोई अन्य कारण था। यह घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि मनोरंजन के नाम पर किया जाने वाला शोर किस हद तक पर्यावरण और अन्य जीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल, इस विचित्र मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और ध्वनि प्रदूषण नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग तेज हो गई है।

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