भारत के निशाने पर था पाकिस्तान का परमाणु भंडार, चीन की रिपोर्ट ने दुनिया को चौंकाया


भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। चीन की ओर से जारी एक नवीनतम ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव (GSI) रिपोर्ट ने दावा किया है कि इस सैन्य ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान का पूरा परमाणु भंडार भारत के सीधे निशाने पर था। रिपोर्ट के अनुसार, जब भारत ने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने के लिए इस मिशन को अंजाम दिया, तो पूरी दुनिया ने भारतीय सेना की आक्रामकता और सटीकता का लोहा माना। इस खुलासे ने न केवल दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर नई बहस छेड़ दी है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उस वक्त पाकिस्तान का सैन्य ढांचा पूरी तरह चरमरा गया था।

चीन की इस विस्तृत रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 में पुलवामा जैसे आतंकी हमलों के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान में बैठे आतंकी नेटवर्कों को नेस्तनाबूद करना था, लेकिन इसके साथ ही भारतीय सेना ने रणनीतिक रूप से पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों के बेहद करीब अपनी पहुंच बना ली थी। विशेष रूप से पाकिस्तान के खैबर जिला स्थित सुलेमान रेंज के पास मुख्य एयरबेस पर हुए हमले ने पाकिस्तानी नेतृत्व के होश उड़ा दिए थे। चीन का दावा है कि इस दौरान दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव उस स्तर पर पहुंच गया था जहाँ एक छोटी सी चूक भी पूर्ण परमाणु युद्ध का रूप ले सकती थी।

रिपोर्ट में चीन की भूमिका का भी जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया है कि बीजिंग ने उस समय पाकिस्तान की मदद के लिए अपने सैटेलाइट डेटा का उपयोग किया था। चीन ने भारतीय सेना की लोकेशन ट्रेस करने और अपने परमाणु इंजीनियरों को सुरक्षित निकालने के लिए पाकिस्तान के साथ खुफिया जानकारी साझा की थी। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चीन ने पाकिस्तान का बचाव करने और भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान की वैश्विक छवि को गहरा धक्का लगा है और उसे यह अहसास हो गया है कि उसके परमाणु ठिकाने भी अब सुरक्षित नहीं हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई, बल्कि भारत की सैन्य श्रेष्ठता को भी वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित कर दिया।

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